आचार्य श्री महाश्रमणजी के प्रवेश पर उमड़ा जन सैलाब

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कोलकत्ताः तेरापंथ धर्म संघ की सर्वोच्च संस्था जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के प्रांगण में तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता आचार्य श्रीमहाश्रमणजी का पावन पदार्पण हुआ।पूज्य गुरुदेव का हावड़ा ब्रिज से विशाल जन मेंदेनी जिसकी संख्या हजारो में थी।महासभा में महातपस्वी महाश्रमणजी का भव्य जुलुस अभिनन्दन एवं स्वागत के साथ प्रवेश हुआ। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकत्ता में चर्चा है की इस प्रकार के विशाल अध्यात्मिक जुलुस पिछले कई दशको में देखने को नही मिला। जुलुस में महिलाओ के साथ किशोर कन्या मंडल,ज्ञानशाला के ज्ञाननार्थियो,युवक परिषद के युवको साथ जैन व जैनत्तर समाज के हजारो व्यक्तियों की सहभागिता रही।मानो कोलकत्ता का हावड़ा ब्रिज पूर्ण रूप से महाश्रमणमय प्रतीत हो रहा था।जुलुस का प्राम्भिक भाग महासभा पहुचने तक भी अंतिम छोर हाबड़ा ब्रिज पर था।
तेरापंथ धर्मसंघ सभा नवमाचार्य श्री तुलसी के पदार्पण के पश्चात् 58 वर्षो के लम्बे इंतजार के बाद आचार्य श्री के महाश्रमणजी के पदार्पण से सम्पन्न हुआ।इसमें तेरापंथी श्रावक ही नहीं जैन व जैनेत्तर सभी वर्ग में सबसे अधिक पूज्य प्रवर के प्रवास हेतु उत्साह का वातावरण बना हुआ था।
महासभा के अध्यक्ष किशनलाल डागलीया,प्रधानन्यासी हंसराज बेतला,महामंत्री प्रफुल बेताला,निवर्तमान अध्यक्ष एवं प्रवास व्यवस्था के अध्यक्ष,समिति के अध्यक्ष कमल दुगड, एवं अन्य पदाधिकारियों के महासभा के सम्मुख गुरुदेव सहित सम्पूर्ण धवल सेना की अगवानी तदूपरांत श्र्देय आर्यवर भवन पधारे।
मुख्य कार्यक्रम में आचार्य श्री महाश्रमण जी ने अपने मंगल पाठ में समय के महत्व को बताते हुए समय का अंकन करने की प्रेरणा दी।उन्होंने कहा-आलस्य प्रमाद में समय व्यर्थ न करे।आचार्य भिक्षु से आचार्य महाप्रज्ञ तक सभी ने साहित्य सृजन कर समय का सदुपयोग किया।आचार्य श्री महाश्रमणजी ने जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महसभा के 104 वर्षो के गरिमामय इतिहास व तेरापंथ की प्रथम संस्था शिरोमणि अलंकरण से अलकृत किया। महासभा के राष्ट्रीय कोषाअध्यक्ष रमेश सुतारिया,अणुवर्त समिति मुंबई के अध्यक्ष गणपत डागालीया, मंत्री मुणोत जीवन ज्ञान मुंबई के अध्यक्ष सुरेन्द्र कोठारी,अरविन्द धाकड़,अशोक तातेड,रोशन डागलिया,लक्ष्मीलाल डागलिया आदि उस नयनाभिराम के साक्षी बने।साध्वी प्रमुखाश्री कनकप्रभाजी मंगल उद्द्बोधं प्रदान करते हुए।आचार्य श्री तुलसी के पदार्पण के समय को याद किया महासभा के अध्यक्ष किशन डागलिया ने पूज्यवर की महासभा परिवार की अभिवंदना की मुख्य न्यासी हंसलाल बेतला, सभा कोलकत्ता अध्यक्ष श्री तेजकरण बोथरा,तेरापंथी विद्यालय के अध्यक्ष भीखमचंद पुगलिया ने स्वागत किया। मुख्य मुनिश्री महावीर कुमारजी, मुख्य नियोजिका साध्वी विश्रुत विभागी,साध्वी वर्या सबुद्ध यशाजी ने प्रेरक वक्तब्य दिए।मुनिश्री कुमारश्रमणजी एवं मुनि योगेश कुमारजी ने अपने जन्म भूमि पर अपने आराध्य का भाव-भरा स्वागत दिया।महिला मंडल,कन्या मंडल द्वारा गीतिका का संगान किया गया।विद्यालय के बच्चो ने परिसंवाद की प्रस्तुती दी,तेरापंथ स्थापना दिवस का बैनर का अनावरण पूज्य प्रवर के सानिध्य में प्रधान न्यासी एवं महासभा के अध्यक्ष ने किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन महासभा के महामंत्री श्री प्रफुल बेताल ने करते हुए संस्था शिरोमणि अलंकरण के लिए पूज्य चरणों में भाव समर्पित किये।आभार ज्ञापन उपाध्यक्ष श्री विनोद वेद्द ने किया।इस अवसर पर प्रयास व्यवस्था समिति के महामंत्री श्री सूरज बरडिया,पूर्व अध्यक्ष सुरेश चोरडिया,विमल नहाटा,विनोद लूणिया, डालिमचन्द्र,ज्ञानचन्द्र आंचलिया के साथ महासभा के न्यासी कार्यकरणी सदस्य राज्य प्रभारी पूर्व पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। महासभा के आध्यत्मिक मुनिश्री विश्रुत कुमार ने महासभा के स्वर्णिम104 वर्षो की इतिहास की जानकारी विशाल जन मेदनी के समक्ष रखी।

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