कांग्रेस, बसपा उपचुनाव नहीं लड़ेंगे!

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उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों के उपचुनाव अभी घोषित नहीं हुए हैं पर इसके लिए तैयारी और अटकलें दोनों शुरू हो गई हैं। समाजवादी पार्टी दोनों सीटों के लिए जोरदार तैयारी कर रही है। उसने फूलपुर सीट के लिए बसपा के ही एक पुराने नेता को पार्टी में शामिल करा कर उन्हें लड़ाने की तैयारी की है। तभी कहा जा रहा है कि शायद बसपा इस बार चुनाव नहीं लड़े।

पहले कहा जा रहा था कि बसपा प्रमुख मायावती फूलपुर से लड़ सकती हैं। यह बसपा के असर वाली पुरानी सीट है। पर शायद वे चुनाव नहीं लड़ेंगी। उनकी पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि वे नहीं लड़ेंगी तो दूसरे किसी उम्मीदवार का वहां मुकाबले में भी आना मुश्किल होगा। और अगर बसपा तीसरे स्थान पर रही तो आगे की संभावना कमजोर पड़ेगी। सो, यह कहा जा रहा है कि शायद राज्यसभा की सीट के लिए सपा और कांग्रेस से बसपा की बात हो। तीनों पार्टियां मिल कर राज्यसभा की दसवीं सीट जीत सकते हैं।

इसी तरह कांग्रेस भी चुनाव लड़ने के मूड में नहीं है। हालांकि पार्टी के नेता ऊपरी तौर पर कह रहे हैं कि वे चुनाव की तैयारी में हैं। जैसे पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने सीपीएम से पुराने एलायंस का ध्यान रखे बगैर उलूबेरिया सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी उम्मीदवार देने की चर्चा है। पर पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि उनके पास अच्छा उम्मीदवार नहीं है।

फूलपुर सीट के लिए कांग्रेस ने राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी से बात की थी। उनका राज्यसभा का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है। पर वे लड़ने के लिए तैयार नहीं हुए। उनके बारे में यह हकीकत है कि वे आज तक चुनाव नहीं हारे हैं। सो, वे अपना यह रिकार्ड नहीं तोड़ना चाहते हैं। इसी तरह गोरखपुर सीट के लिए भी कांग्रेस के पास कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं है। कांग्रेस नेताओं को यह भी लग रहा है कि उनके लड़ने से भाजपा को फायदा होगा। इसलिए वे सपा के समर्थन पर विचार कर रहे हैं।