राजपथ से इस बार नदारद रहेगा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा और बंगाल

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 नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर निकलने वाली भव्य परेड में इस बार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, केरल और पश्चिम बंगाल सहित देश के राज्य नहीं दिखेंगे। परेड में शामिल होने वाली झांकियों के चयन प्रक्रिया के शुरुआती राउंड में ही इन राज्यों को अलग कर दिया गया है। वहीं जिन राज्यों की इसके लिए सबसे तगड़ी दावेदारी मानी जा रही है, उनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तराखंड और त्रिपुरा सहित 13 राज्य शामिल है।
हालांकि इनमें अभी थोड़ा बहुत बदलाव भी संभव है, जिसके लिए दो झांकियों की जगह को अभी आरक्षित रखी गई है। माना जा रहा है कि परफार्मेस के आधार पर इनमें अंतिम समय में किसी राज्य या मंत्रालय को जगह मिल सकती है।
राजपथ पर इन दौरान निकलने वाली परेड में कुल 21 झांकियों का शामिल होती है। यही वजह है कि इसके लिए चयन की एक लंबी प्रक्रिया है। फिलहाल इसके तहत राज्यों को चयन समिति के पास पहले अपनी थीम को भेजना होता है। जिसे देखने के बाद ही इसे अंतिम रुप दिया जाता है। सूत्रों की मानें तो परेड में शामिल होने के लिए वैसे तो सभी राज्य आवेदन करते है। लेकिन इनमें करीब 15 राज्यों को ही जगह मिल पाती है।
सूत्रों की मानें तो चयन समिति ने इस दौरान जिन राज्यों को इनमें जगह मिलने की उम्मीद जताई है, उनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, महाराष्ट्र, लक्ष्यद्वीप, त्रिपुरा, उत्तराखंड जैसे राज्यों का चयन लगभग तय माना जा रहा है।
चयन समिति से जुड़े सूत्रों परेड में इस बार मध्य प्रदेश जहां एतिहासिक स्थल सांची की थीम को लेकर राजपथ पर उतरेगा, वहीं छत्तीसगढ़ की जो थीम पसंद की गई है, वह रामगढ़ की प्राचीन नाट्य शाला पर आधारित है, जहां मेघदूत की रचना हुई थी। राजपथ पर निकलने वाली परेड के नियमों के तहत इनमें कुल 21 झांकियां ही शामिल हो सकती है। इनमें 15 राज्यों की रहती है, जबकि छह केंद्र सरकार और उससे जुड़ी एजेंसियों की रहती है।