FMCG कंपनियों को प्रोडक्‍ट के MRP स्‍टीकर में तुरंत बदलाव का आदेश

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नई दिल्‍ली:एजेंसी।केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) के चेयरपर्सन  वनजा एन सरना ने FMCG कंपनियों से अपने प्रोडक्‍ट्स के मैक्‍सिमम रिटेल प्राइस यानी MRP स्‍टीकर में तुरंत बदलाव करने को कहा है। सरना ने FMCG  कंपनियों से कहा कि प्रोडक्‍ट्स पर GST के नए रेट की MRP लेवल को जल्‍द से जल्‍द लगाएं। पिछले दिनों जीएसटी काउंसिल की बैठक में डेली यूज के 178 प्रोडक्‍ट्स के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (GST) रेट में कटौती की गई थी। पहले इन आइटम्‍स के GST रेट 28 फीसदी थे जो अब घटकर 18 फीसदी हो गए हैं। ये नए रेट्स 15 नवंबर से लागू हो गए हैं।
व्‍यापक प्रचार की अपील 
फाइनेंस मिनिस्‍ट्री की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरना ने FMCG कंपनियों को जोर देकर कहा है कि वह जल्‍द से जल्‍द अपने प्रोडक्‍ट्स पर नए MRP लेवल को लगाएं। यह MRP स्‍टीकर जीएसटी काउंसिल के फैसले को फॉलो करेंगे। उन्‍होंने साथ ही कंपनियों से प्रोडक्‍ट्स के बदले गए MRP का व्‍यापक प्रचार करने का अनुरोध किया। सरकार को उम्‍मीद है कि इंडस्‍ट्री इस अपील को ध्‍यान देगी और इस पर काम करेगी।
यहां 28% की जगह 18% टैक्स
इलेक्ट्रिक कंट्रोल, डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इलेक्ट्रिक बोर्ड, पैनल, कंसोल, कैबिनेट, वायर, केबल, इंसुलेटेड कंडक्टर, इलेक्ट्रिक इंसुलेटर, इलेक्ट्रिक प्लग, स्विच, सॉकेट, फ्यूज, रिले, इलेक्ट्रिक कनेक्टर्स, ट्रक (लोहे की पेटी), सूटकेस, ब्रीफकेस, ट्रैवलिंग बैग, हैंडबैग, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर डाई, लैंप और लाइट फिटिंग के सामान, शेविंग के सामान, डियोड्रेंट, परफ्यूम, मेकअप के सामान, फैन, पंप्स, कंप्रेसर, प्लास्टिक के सामान, शॉवर, सिंक, वॉशबेसिन, सीट्स के सामान, प्लास्टिक के सेनेटरी वेयर, सभी प्रकार के सिरेमिक टाइल, रेजर और रेजर ब्लेड, बोर्ड, सीट्स जैसे प्लास्टिक के सामान, पार्टिकल/फाइबर बोर्ड, प्लाईवुड पर अब 18 फीसदी टैक्स देना होगा ।
एस्केलेटर, कूलिंग टॉवर, रेडियो और टेलीविजन प्रसारण के विद्युत उपकरण, साउंड रिकॉर्डिंग उपकरण, सभी प्रकार के संगीत उपकरण और उससे जुड़े सामान, कृत्रिम फूल, पत्ते और कृत्रिम फल, कोको बटर, वसा और तेल पाउडर, चॉकलेट, च्विंगम और बबलगम, रबर ट्यूब और रबर के बने तरह तरह के सामान, चश्में और दूरबीन।
इन प्रोडक्ट्स पर लगेगा अब 12% जीएसटी
मधुमेह रोगियों को दिया जाने वाला भोजन,प्रिंटिंग इंक, टोपी,कृषि, बागवानी, वानिकी, कटाई से जुड़ी मशीनरी के सामान, जूट, कॉटन के बने हैंड बैग और शॉपिंग बैग, रिफाइंड सुगर और सुगर क्यूब, गाढ़ा किया हुआ दूध, पास्ता और सिलाई मशीन के सामान पर अब 18 फीसदी की जगह 12 फीसदी टैक्स देना होगा।

Source: Shilpkar