अंतरराज्यीय वाहन तोड़ चोर गिरोह का भांडाफोड़

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मुंबई:एमआईडीसी पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय वाहन तोड़ चोर गिरोह का भांडाफोड़ किया है, जिसके शातिर बदमाश महज दो घंटे के अंदर ही एक से बढ़कर एक नामचीन मॉडलों के वाहनों का पुर्जा-पुर्जा अलग कर देते थे। इसके बाद ये गिरोह उस भंगार में तब्दील वाहनों को मुंबई से कई किलोमीटर दूर धूले जिले में स्थित भंगार मार्केट में उसे उंची कीमतों पर बेच दिया करते थे।
पुलिस को इस वाहन चोर तोड़ गिरोह के आठ बदमाश हाथ लगे हैं, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी हैं। सभी बदमाश दिन में ऑटो-टेंपो चलाने का काम और रात में वाहन चोरी कर उसे भंगार वालों को बेचने की वारदात को अंजाम देते थे। सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज हैं और सभी आरोपी पुलिस रिमांड में है। डीसीपी जोन-10 एन.डी.रेड्डी के मार्गदर्शन में सीनियर पीआई शैलेस पासलवाड और एमआईडीसी पुलिस की टीम ने इस अंतरराज्यीय वाहन तोड़ चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
कैसे हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को एक टेंपो मालिक ने टेंपो चोरी होने का मामला एमआईडीसी पुलिस में दर्ज कराया था। इस टेंपो की कीमत टेंपो मालिक के अनुसार सात लाख रुपये थी। इस केस की ऐंटि विइकल थेप्ट स्क्वॉड जांच कर रही थी। इस दौरान पुलिस को मालाड में रहने वाले वाले 26 वर्षीय मुख्य आरोपी सुजीत गौड के बारे में जानकारी मिली, जिसे पुलिस ने मालाड से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान हालांकि सुजीत ने गुनाह स्वीकार कर लिया, लेकिन बाकी के साथियों के बारे में उसने पुलिस को कुछ जानकारी नहीं दी।
इसके बाद पुलिस की एक टीम सुजीत के कॉल डाटा रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर धुले पहुंच गई, जहां पुलिस ने तीन ऐसे मकैनिक अपराधी को गिरफ्तार किया, जिसे सुजीत मुंबई में चोरी किए हुए वाहनों को उन्हें औने-पौने दामों पर बेच देता था। वे लोग महज दो घंटे में वाहनों का पुर्जा-पुर्जा अलग-अलग कर उसे भंगार में बेच देते थे।
धुले से गिरफ्त में आए आरोपी के नाम वसीम अहमद हुसैन शेख उर्फ बटला (30) और अफजल हुसैन उर्फ मो.खान उर्फ बाबूभाई हैं जबकि तीसरे आरोपी अनिल गोडके को जलगांव जिले से पुलिस ने पकड़ा है। इसके अलावा एमआईडीसी पुलिस ने नालासोपारा से अभय पाटील उर्फ बारक्या (25), सुनील शर्मा उर्फ गूड्डू (25), शक्ति सिंह (21) और अरमान खान (23) को नालासोपारा से गिरफ्तार किया।
कब करते थे चोरियां
एमआईडीसी पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गाड़ी तोड़ चोर गिरोह मास्टर चाबी की मदद से सुबह तीन से साढ़े चार बजे के बीच महिंद्रा बोलेरे पिक अप वैन को निशाना बनाते थे, क्योंकि उस वक्त अक्सर सुरक्षाकर्मी सोते रहते हैं। उस वक्त सड़कों पर ट्रैफिक भी काफी कम रहता है, जिसका फायदा उठाकर ये चोर गिरोह वारदात को आसानी से अंजाम देकर धुले की ओर निकल जाते थे। जहां बटला और बाबूभाई इन वाहनों को आनन-फानन में तोड़कर भंगार बना देते थे। इस काम के लिए चोर गिरोह प्रति टेंपो 80 हजार से 1 लाख रुपये तक वसूलते थे, ज़िसे बटला और बाबूभाई ऐंड कंपनी धुले के भंगार मार्केट में और भी अधिक दामों पर बेच दिया करते थे।

दर्जनों मामले दर्ज

मुलुंड, घाटकोपर, साकीनाका, मालाड, दहिसर, बोरिवली और नालासोपारा, वसई-विरार में भी इस गिरोह के खिलाफ वाहन चोरी के दर्जनों मामले दर्ज हैं। इनके निशाने पर सबसे अधिक महिंद्रा बोलेरे पिक अप वाहन होते थे। ऐसे 30 वाहनों को चुराकर तोड़े और बेचे जाने की बातें आरोपियों ने स्वीकार किया है। आरोपी अभय, सुनील, शक्ति और अरमान सभी ऑटो-टेंपो चालक हैं, जो मास्टरमाइंड गौड के निर्देश पर मुंबई एवं आसपास के इलाकों में वाहनों की चोरी कर उसे धुले पहुंचाते थे।

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