पहली बार दोनों तरफ से दलित उम्मीदवार होना, बाबा साहेब और बसपा की देन: मायावती

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नई दिल्ली। सोमवार को संसद में मानसून सत्र के साथ देश में नए राष्ट्रपति चुनने के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। देश की संसद समेत सभी विधानसभा में वोटिंग की जा रही है। मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच है। लेकिन वोटिंग शुरू होते ही बसपा सुप्रीमो मायावती का एक बड़ा बयान आया है। मायावती ने अपने बयान में कहा कि यह पहली बार है कि सत्ता और विपक्ष की ओर से दलित उम्मीदवार मैदान में उतारा गया है। जीत या हार किसी की भी हो लेकिन राष्ट्रपति दलित ही होगा। मायावती ने कहा कि यह देन बाबा साहेब अंबेडकर की है, माननीय कांशीराम जी की है और बहुजन समाज पार्टी की है।
बता दें कि मायावती की पार्टी बसपा के लोकसभा में कोई सांसद नहीं हैं, वहीं यूपी में बसपा के 19 विधायक हैं। हालांकि बसपा की ओर से राज्यसभा में 6 सासंद हैं।गौरतलब है कि एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद मूलत: रूप से उत्तर प्रदेश से ही आते हैं, रामनाथ कोविंद दलित जाति से हैं। कोविंद के उम्मीदवार बनाए जाने के बाद विपक्ष ने भी दलित कार्ड चलते हुए पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था।

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