मोदी-ट्रंप वार्ता में एच-1बी वीजा नहीं बनेगा बाधा

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वाशिंगटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहली मुलाकात की घडि़यां नजदीक आती जा रही हैं। ऐसे में एच-1बी वीजा मसले पर बहस भी तेज होने लगी है। यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआइबीसी) ने एच-1बी वीजा को लेकर दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ने की उम्मीद को खारिज किया है।
नरेंद्र मोदी 25 जून को अमेरिका पहुंच रहे हैं। उसके अगले दिन 26 जून को ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है। यूएसआइबीसी के अध्यक्ष मुकेश अघी ने दोनों नेताओं के लिए बेहतर माहौल रहने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा को लेकर बेहद आशावान हैं। ट्रंप और मोदी की मुलाकात के दौरान एच-1बी वीजा मुद्दे पर भारत की चिंता के अलावा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसका इस्तेमाल भारतीय आइटी कंपनियां करती हैं।
वीजा से जुड़े नियम में प्रस्तावित बदलाव से भारतीय कंपनियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मोदी की अमेरिका यात्रा की तैयारियों की देखरेख करने वाले मुकेश ने इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव उत्पन्न होने की बात को खारिज किया है। उन्होंने पिछले साल के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारतीय कंपनियों द्वारा एच-1बी वीजा की मांग में 35 फीसद तक की गिरावट आई है। ट्रंप ने इस वीजा प्रोग्राम के दुरुपयोग को चुनाव प्रचार के दौरान बड़ा मुद्दा बनाया था।
मुकेश अघी ने बताया कि दोनों देश आपसी संबंधों का महत्व अच्छी तरह से समझते हैं और उसे और प्रगाढ़ करने व उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। बकौल मुकेश, अमेरिकी सत्ता के गलियारों में भारत के साथ संबंधों को व्यापक महत्व दिया जाता है। भारत अगले दो दशकों तक तेज गति से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। ऐसे में अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में व्यापक पैमाने पर मौके होंगे।

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