अमेरिकी असरः पाकिस्तान ने बदला कानून, ‘जमात’, ‘लश्कर’, अलकायदा के खाते होंगे सील

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नई दिल्ली। पाकिस्तान पर अमेरिकी दबाव का असर नजर आने लगा है। पाकिस्तान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से प्रतिबंधित जमात उद दावा, लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों और आतंकवादियों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधी कानून में बदलाव संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इसके तहत पाक सरकार को इनके ऑफिस और अकाउंट बंद करने होंगे। अभी तक पाक इन संगठनों पर महज दिखावे की कार्रवाई करता रहा है।

पाकिस्तानी समाचार पत्र द ट्रिब्यून एक्सप्रेस के अनुसार, राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधी अथॉरिटी ने इसकी पुष्टि की है। गृह, वित्त और विदेश मंत्रालय तथा काउंटर फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म विंग इस मामले पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि की है लेकिन ज्यादा जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।

सरकार के इस कदम से अल कायदा, तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान, लश्कर ए झांगवी, जमात उद दावा, लश्कर-ए-ताइबा, फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन और दूसरे अन्य संगठनों पर कार्रवाई की जा सकेगी। पिछले साल दिसंबर में पाकिस्तान ने हाफिज सईद के जमात और फलाह संगठनों को प्रतिबंधित करने के साथ ही बैंक खाते और ऑफिस बंद कर दिए गए थे।