एसपी, बीएसपी के कई विधायक दे सकते हैं रामनाथ कोविंद को वोट

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लखनऊ:राष्ट्रपति पद के लिए सोमवार को होने वाला चुनाव यूपी की सियासत में भी हलचल ला सकता है। यह सियासी हलचल एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के लिए फायदेमंद नजर आ रही है। कई दलों में चल रहा आपसी असंतोष कोविंद को विपक्ष के भी कुछ वोट दिलवा सकता है। एसपी में पिछले कई महीनों से चल रही रार, बीएसपी में नसीमुद्दीन कैंप में सेंधमारी का फायदा एनडीए उम्मीदवार को मिल सकता है। ‘
वहीं, कई भविष्य के समीकरणों के लिए वर्तमान में ‘रिस्क’ लेने को तैयार दिख रहे हैं। एनडीए के 48 फीसदी वोटों के साथ ही दूसरी पार्टियों से मिले समर्थन के बाद कोविंद के वोटों का आंकड़ा करीब 62 फीसदी पहुंच सकता है।
मुलायम, शिवपाल का वोट कोविंद को!
एसपी संस्थापक मुलायम सिंह यादव और एसपी विधायक शिवपाल यादव एनडीए समर्थित उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को मतदान कर सकते हैं। दोनों नेता पहले भी इस तरफ इशारा कर चुके हैं। इसके अलावा पार्टी के करीब आधा दर्जन विधायक भी एनडीए उम्मीदवार को वोटिंग कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक कई विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं, जिसमें अखिलेश गुट के कुछ असंतुष्ट विधायक भी शामिल हैं।
बीएसपी में सेंधमारी
राष्ट्रपति चुनाव से पहले बीएसपी के वोट भी छिटक सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि बीएसपी के चार-पांच विधायक पार्टी लाइन से हटकर कोविंद को वोट कर सकते हैं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने रविवार शाम विधायकों के साथ बैठक की और सभी को मीरा के समर्थन में वोट करने को कहा। मायावती राष्ट्रपति के लिए मीरा कुमार का समर्थन करने का ऐलान कर चुकी हैं।
मीरा कुमार ने मायावती से लखनऊ में मुलाकात भी की थी। विधायकों के साथ बैठक के बाद वह अपना वोट डालने के लिए दिल्ली जा चुकी हैं। रविवार शाम हुई बैठक में बीएसपी विधान मंडल दल के नेता लालजी वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर और पूर्व विधान सभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर शामिल थे। प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने कहा कि हमारे सभी विधायक एकजुट हैं। सभी मीरा कुमार को ही वोट करेंगे।
राजा भैया समेत तीन निर्दलीय भी एनडीए के साथ
कुछ निर्दलीय विधायक भी एनडीए उम्मीदवार को वोट दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक कुंडा से विधायक राजा भइया एनडीए उम्मीदवार के लिए वोटिंग कर सकते हैं। इसके अलावा विजय मिश्रा, अमनमणि त्रिपाठी भी एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में जा सकते हैं। इसको लेकर निर्दलीय विधायकों की एक बैठक भी हुई है।
भविष्य पर ‘नजर’
यूपी में एसपी के इस समय 47 और बीएसपी के पास 19 विधायक हैं। बीजेपी के विशाल बहुमत के आगे यह संख्या इतनी नहीं टिकती है कि सक्रिय विपक्ष के तौर पर वह बहुत दबाव बनाने की स्थिति में हों। इस लहर में जीतकर आए विपक्ष के विधायक भी इस सच से वाकिफ हैं। इसलिए उन्होंने अगले साढ़े चार साल से भी अधिक के भविष्य की ‘संभावनाओं’ पर काम करना शुरू कर दिया है।
मुलायम के संकेत के बाद शिवपाल यादव खुलकर कह चुके हैं कि जिनको नेताजी कहेंगे उनको ही वह राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन करेंगे। सूत्रों की मानें तो और भी ऐसे विधायक हैं जो बीजेपी के संपर्क में हैं। यूपी में तीन निर्दलीय विधायक हैं। इनके पहले से ही बीजेपी से नजदीकियों की खबरें आम हैं। सूत्रों की मानें तो जिला पंचायत व ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी बचाने और भविष्य में निकाय चुनावों में भी परिवार के सदस्यों के ‘समायोजन’ की उम्मीद भी दूसरे दल में होनें के बाद भी दिल बदलने को मजबूर कर रही हैं।

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