क्या अभी रियल एस्टेट में निवेश करने का अच्छा रिटर्न मिलेगा?

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मुंबईःएजेंसी। होम लोन पर ब्याज दरें घट गई हैं, प्रॉपर्टी की कीमतें स्थिर हैं और पजेशन में देरी या किसी तरह के फर्जीवाड़े से ग्राहकों की रक्षा के लिए नई रियल एस्टेट (रेग्युलेशन ऐंड डिवेलपमेंट) ऐक्ट (रेरा) लागू हो चुका है। हालांकि, रियल एस्टेट डिवेलपर्स, हाउजिंग फाइनैंस कंपनियां और प्रॉपर्टी एजेंट्स के दावों पर जाएंगे तो आपको लगेगा कि प्रॉपर्टी में निवेश का यह बेहतरीन वक्त है। लेकिन, क्या सच में ऐसा है? कंसल्टंसी फर्म नाइट फ्रैंक की एक हालिया रिसर्च रिपोर्ट में सामने आया है कि आठ बड़े शहरों में फ्लैट्स की कीमतें पिछले तीन सालों में बहुत धीमी गति से बढ़ी। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और कोलकाता सहति कुछ बाजारों में प्रॉपर्टी की कीमतें गिरी हैं।

इसमें दो राय नहीं कि पूरे रियल एस्टेट मार्केट की तस्वीर यही नहीं है। कुछ बाजारों में जहां कीमतें घटी हैं तो कुछ शहरों में लगातार बढ़ी भी हैं। हालात में अंतर का आलम यह है कि एक ही शहर में कुछ खास इलाकों में प्रॉपर्टी के दाम घटे हैं जबकि दूसरे इलाकों में बढ़े हैं।

मान लीजिए कि अगर आप प्रॉपर्टी खरीदने के लिए 10 लाख रुपया डाउनपेमेंट कर 50 लाख रुपये 8.5 प्रतिशत की ब्याज दर पर होम लोन लेते हैं। फिर कानूनी कार्रवाई, रजिस्ट्रेशन आदि पर छह लाख रुपये और खर्च होंगे। इस तरह प्रॉपर्टी की कीमत 66 लाख रुपये हो जाएगी।

कितनी होगी कमाई?
प्रॉपर्टी में निवेश से मुनाफा कीमत में संभावित वृद्धि पर निर्भर करता है जो शहरों एवं इलाकों के लिहाज से अलग-अलग हो सकती हैं। आइए देखते हैं कि प्रापर्टी की कीमत चार अलग-अलग दरों पर बढ़े तो आपको कितना फायदा हो सकता है…

अनुमान: अगर आप 30% के टैक्स ब्रैकेट में आते हैं और आपको प्रॉपर्टी से हर महीने 10,000 रुपया किराया आ रहा है तो हर साल 10% की दर से 1,000 रुपया ज्यादा किराया मिलेगा। आप इनकम टैक्स रिटर्न में होम लोन के ब्याज पर दो लाख रुपये तक डिडक्शन भी क्लेम करेंगे। 8.5 प्रतिशत पर 50 लाख रुपये होम लोन की ईएमआई 43.391 रुपये होगी।

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अब देखते हैं कि इतनी ही राशि अगर दूसरी तरह की संपत्तियों में निवेश करें, तो कितना रिटर्न मिल सकता है…

पांच सालों में प्रॉपर्टी की कीमत होगी…

आपको कितना फायदा होगा…

10 साल में प्रॉपर्टी की कीमत क्या हो जाएगी…

तब आपको कितना फायदा होगा…

अब हम देखते हैं कि तीन सालों में हालात क्या होंगे। अगर प्रॉपर्टी की कीमत 3 प्रतिशत की दर से बढ़े तो आपको 7.86 रुपये का फायदा होगा। भले ही आपको 10,000 रुपया प्रति माह किराया मिल रहा है, हर साल 1,000 रुपया बढ़ भी रहा है और होम लोन पर दो लाख रुपये का टैक्स छूट भी मिल गया, तो भी आप लोन पर इंट्रेस्ट तो 8.5 प्रतिशत की दर से ही दे रहे हैं जबकि प्रॉपर्टी की कीमत 3 प्रतिशत ही बढ़ रही है।

अगर आपने सोने में निवेश किया होता तो आप कितना कमाते? अगर आपने डाउनपेमेंट का 10 लाख रुपया और कागजी कार्रवाई में खर्च हुआ 6 लाख रुपया, कुल 16 लाख रुपए से सोना खरीद लिया होता और फिर 43,391 रुपये की ईएमआई वाले पैसे से भी हर महीने सोना ही खरीद रहे होते तो सालाना 3% की दर से कीमत बढ़ने की सूरत में भी तीन साल में आपका कुल निवेश 33.8 लाख रुपये का हो जाएगा।

हमारे आकलन के मुताबिक, आप प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो पहले दिन से ही किराया मिलने लगता है और टैक्स भी बचाने लगते हैं। अगर आपको पजेशन मिलने में देरी होती है जो मौजूदा हालात में काफी हद तक संभव है, तो आपको कम रिटर्न मिलेगा। अगर प्रॉपर्टी की कीमत 6% बढ़े तो भी फायदा नहीं होगा क्योंकि अगर 16 लाख रुपये का निवेश कर दें और हर महीने 43,391 रुपये डालते रहें तो 6% प्रतिशत की दर से ब्याज मिलने की सूरत में तीन साल बाद आपकी रकम 36.2 लाख रुपये हो जाएगी।

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इसी तरह, अगर प्रॉपर्टी 9 से 12 प्रतिशत की दर से बढ़ती है तो आपको फायदा तो होगा, लेकिन हाइब्रिड फंड्स या इक्विटी स्कीम में डालने पर संभावित फायदे से कम। जैसा कि अनुमान है, अगले कुछ सालों तक प्रॉपर्टी की कीमतें कुछ खास बढ़ने की उम्मीद नहीं है।

इसे लेकर नाइट फ्रैंक स्टडी के परिणाम भी बहुत आशाजनक नहीं हैं। देशभर में बड़े पैमाने पर बने पड़े मकान (एनसीआर में ही 1.8 लाख से ज्यादा मकान हैं) और किसी प्रॉपर्टी की बिक्री में लगनेवाला लंबा वक्त (फरीबाद में 35 तिमाही तक) जैसे तथ्य भविष्य के लिए भी चिंता पैदा कर रहे हैं। नाइट फ्रैंक में रिटेड ऐंड हॉस्पिटैलिटी में एग्जिक्युटिव डायरेक्टर (अडवाइजरी) गुलाम जिया ने कहा, ‘अगले 2-3 सालों में प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने की संभावना नहीं हैं।’

थमी रफ्तार, संभावनाएं धूमिल
पिछले तीन सालों में ज्यादातर शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें बहुत धीमी रफ्तार से बढ़ी हैं। बड़ी संख्या में बने पड़े मकान और बिक्री में लगनेवाला ज्यादा वक्त से समस्याएं बढ़ रही हैं।

Source: shilpkar

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