टाटा मोटर्स के MD गुएंटनर बश्चेक बोले-मुश्किल दौर से गुजर रही कंपनी

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मुंबईःएजेंसी। टाटा मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर गुएंटनर बश्चेक ने कंपनी के एंप्लॉयीज को एक पत्र लिखकर बताया है कि ट्रक बनाने वाली देश की यह सबसे बड़ी कंपनी ‘मुश्किल स्थिति’ में है और अभी सभी लोगों को अपना ध्यान कंपनी में बदलाव लाने से हटाकर इसे बेहतर स्थिति में लाने पर होना चाहिए। बश्चेक ने कहा है कि कंपनी को अपना मार्केट शेयर और कमर्शल वीइकल (CV ) सेगमेंट में वॉल्यूम बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘प्रॉफिटेबिली और रेवेन्यू के लिहाज से CV बिजनस बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इसमें कंपनी का मार्केट शेयर बहुत गिरा है।’ टाटा मोटर्स का पिछले फाइनैंशल इयर में स्टैंडअलोन तौर पर घाटा 2,480 करोड़ रुपये का था। बश्चेक ने कहा कि नए फाइनैंशल इयर की बहुत मुश्किल शुरुआत हुई है। वह कंपनी की ट्रक सेल्स धीमी होने का जिक्र कर रहे थे जिससे कार बिजनस के अच्छे प्रदर्शन का असर कम हो गया है।

पिछले फाइनैंशल इयर में टाटा मोटर्स के कमर्शल वीइकल बिजनस की वॉल्यूम में केवल 0.8 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई, जबकि देश में इस इंडस्ट्री की ग्रोथ 4 पर्सेंट की रही। 100 अरब डॉलर से अधिक के टाटा ग्रुप में शामिल टाटा मोटर्स के पास जैगवार और लैंड रोवर ब्रैंड्स का भी मालिकाना हक है। हालांकि, भारत में टाटा मोटर्स का कमर्शल वीइकल बिजनस बहुत महत्वपूर्ण है। इस बिजनस की संभावनाएं इकनॉमिक साइकल से जुड़ी होती हैं। ट्रक इंडस्ट्री में टाटा मोटर्स की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी हिंदुजा ग्रुप की कंपनी अशोक लेलंड है।

इस बारे में टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने ईटी से कहा, ‘कंपनी अभी टर्नअराउंड के चरण से गुजर रही है। हम कॉस्ट में कमी के साथ ही बिक्री बढ़ाकर प्रॉफिट को बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।’ बश्चेक ने बताया कि बहुत से आंतरिक और बाहरी कारणों के चलते कंपनी ट्रक बिजनस में अपने राइवल्स से पिछड़ रही है। उन्होंने कहा, ‘हम मार्केट में बदलावों के अनुसार खुद को ढालने में असफल रहे हैं। हम समय पर नए प्रॉडक्ट्स पेश नहीं कर सके हैं। पिछले कुछ सप्ताहों में हमारा प्रदर्शन और खराब होने और आने वाली चुनौतियों के कारण हम एक संकट की स्थिति में हैं।’

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कंपनी ने चौथे क्वॉर्टर के अंत में BS III स्टॉक के कारण 148 करोड़ रुपये का प्रोविजन किया था। ऐसा बताया जा रहा है कि कमर्शल वीइकल डिविजन के खराब प्रदर्शन की वजह से ही इस डिविजन के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर रवीन्द्र पिशारोदी कंपनी से निकले हैं। टाटा मोटर्स अब सभी कैटिगरीज में कॉस्ट कम करने, मार्केट शेयर बढ़ाने और देश में कमर्शल वीइकल बिजनस में सुधार लाने पर ध्यान देगी। इसके साथ ही प्रॉडक्ट लॉन्च समय पर किए जाएंगे और डिमांड को पूरा करने के लिए सप्लाई से जुड़ी रुकावटें दूर की जाएंगी।

Source: shilpkar

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