डिविडेंड बांटने में हीरो मोटोकॉर्प का जवाब नहीं

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मुंबईःएजेंसी। देश की सबसे बड़ी मोटरसाइकल कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने एक और मामले में कॉम्पिटिटर्स को पीछे छोड़ दिया है। इसका डिविडेंड पेआउट दूसरी मोटरसाइकल कंपनियों से ज्यादा है, जो लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को बहुत पसंद आता है। कंपनी का डिविडेंड पेआउट और मार्केट कैपिटलाइजेशन रेशियो पिछले फिस्कल इयर में 2.30 पर्सेंट था। इस दौरान बजाज ऑटो और अशोक लेलंड का पेआउट क्रमश: 1.91 पर्सेंट और 1.4 पर्सेंट रहा। डिविडेंड पेआउट का यह आंकड़ा 7 जुलाई को कंपनी के शेयरों के भाव के हिसाब से निकाला गया है।

हीरो मोटोकॉर्प ने मार्च में फिस्कल इयर 2016-17 के लिए 55 रुपये का अंतरिम और 30 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। इससे उसका 2016-17 का टोटल डिविडेंड प्रति शेयर 85 रुपये हो गया। इस रेशियो में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स शामिल नहीं है। 2011 में होंडा के साथ जेवी खत्म होने और फिर नई ब्रैंड आइडेंटिटी अपनाने के बाद से हीरो का सालाना डिविडेंड पेआउट फिस्कल ईयर 2012 के 899 करोड़ से फिस्कल इयर 2017 में 1,697 करोड़ रुपये हो गया।

बजाज ऑटो ने कहा था कि वह डिविडेंड पेआउट (डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स सहित) को प्रॉफिट (PAT) के 50 पर्सेंट बनाए रखने की कोशिश करेगा। देश की दूसरी सबसे बड़ी ट्रक कंपनी अशोक लेलंड ने भी ज्यादा डिविडेंड पेआउट रेशियो वाली अपनी पॉलिसी का बचाव किया है। कंपनी के स्पोक्सपर्सन ने कहा, ‘हमने पिछले 2-3 साल से इसको 40-50 पर्सेंट के लेवल पर बनाए रखने की कोशिश की है। कंपनी का परफॉर्मेंस इस दौरान अच्छा रहा है और हमने इसका फायदा शेयरहोल्डर्स के साथ शेयर करने की कोशिश की है।’

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शेयरखान के रिसर्च ऐनालिस्ट भारत जियनानी ने कहा, ‘ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में सबसे कम कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरत दोपहिया कंपनियों को होती है। इसके अलावा, टूव्हीलर कंपनियों का सेल्स वॉल्यूम हाई है और कैश फ्लो जेनरेशन कैपिबिलिटी अच्छी है और उसमें नियमितता है। इससे इन कंपनियां शेयरहोल्डर्स को ज्यादा डिविडेंड बांट पाती हैं।’ हीरो मोटो कॉर्प की सेल्स फिस्कल इयर 2017 में ऑल टाइम हाई यानी 66 लाख यूनिट रही थी।

कंपनी ने कुछ समय पहले कहा था कि वह प्रॉडक्ट डिवेलपमेंट, डिजिटाइजेशन, कैपेसिटी इंस्टॉलेशन, गुजरात वाली मौजूदा फैक्टरी के इंप्रूवमेंट और आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश में नए प्लांट्स पर अगले दो साल में 2500 करोड़ रुपये निवेश करेगी। कंपनी के इस कैपिटल एक्सपेंडिचर वाले प्लान से डिविडेंड पेआउट पर नेगेटिव असर नहीं होगा।

जियनानी ने कहा, ‘हीरो का नेट प्रॉफिट 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। मार्केट कैप के पर्सेंटेज में डिविडेंड पेआउट स्थिर रहने की उम्मीद है। प्रॉफिट बढ़ने पर डिविडेंड पेआउट बढ़ सकता है।’ पिछले फिस्कल इयर में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 6.86 पर्सेंट बढ़कर 3,377.12 करोड़ रुपये हो गया था।

एक इंडस्ट्री ऐनालिस्ट ने पहचान जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर कहा, ‘फाइनैंशल ग्रोथ में नियमितता है लेकिन ऑपरेशनल एफिसिएंसी को बनाए रखने पर बहुत जोर है। इससे कस्टमर्स और शेयरहोल्डर्स के लिए एडिशनल वैल्यू क्रिएट होती है।’

Source: shilpkar

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