विजय माल्या को $3.5 करोड़ नहीं देगी शराब कंपनी डायाजियो, बकाया भी वसूलेगी

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मुंबईःएजेंसी। दुनिया की सबसे बड़ी शराब कंपनी डायाजियो पीएलसी भारत में भगोड़ा घोषित हो चुके विजय माल्या को 3.5 करोड़ डॉलर नहीं देगी। डायाजियो ने सेटलमेंट के तहत माल्या को 7.5 करोड़ डॉलर देने का वादा किया था। इसमें से 4 करोड़ डॉलर वह दे चुकी है। मामले की जानकारी रखने वाले दो एग्जिक्युटिव्स ने बताया कि कंपनी अब बाकी हिस्सा नहीं देगी। यही नहीं, डायाजियो माल्या से अपना बकाया वसूलने के लिए कदम भी उठाएगी।

इस बकाए में 13.5 करोड़ डॉलर की रकम भी है, जिसे डायाजियो ने वॉटसन लिमिटेड की लायबिलिटीज के लिए कंडीशनल गारंटी के रूप में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक को दी थी। वॉटसन लिमिटेड माल्या से जुड़ी कंपनी है। ब्रिटिश शराब कंपनी डायाजियो इसके अलावा फोर्स इंडिया फॉर्मूला वन टीम में माल्या के स्टेक पर भी दावा करेगी। उस स्टेक को वॉटसन के लिए सिक्यॉरिटी के रूप में गिरवी रखा गया था। जॉनी वॉकर स्कॉच और स्मिरनॉफ वोदका बनाने वाली डायाजियो ने पिछले साल हुए सेटलमेंट के तहत 4 करोड़ डॉलर माल्या को तब दे दिए थे, जब माल्या ने यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड से हटने पर सहमति जताई थी। सेटलमेंट की बाकी रकम अगले कुछ वर्षों में दो बराबर किस्तों में दी जानी थी।

एक एग्जिक्युटिव ने बताया, ‘बाकी 3.5 करोड़ डॉलर नहीं दिए जाएंगे। यूएसएल में विभिन्न वित्तीय गड़बड़ियों और माल्या की ओर से फंड डायवर्जन के आरोपों को देखते हुए माल्या के साथ किए गए वादे को नहीं मानने का फैसला किया गया है।’ डायाजियो ने साल 2012 में जब यूएसएल पर कंट्रोल हासिल किया था, तो उसने वॉटसन के कर्ज पर स्टैंडर्ड चार्टर्ड को एक गारंटी जारी की थी। डायाजियो ने ताजा घटनाक्रम पर कॉमेंट करने से मना कर दिया, वहीं माल्या ने ईमेल का जवाब नहीं दिया।

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जांच में 1225.3 करोड़ रुपये के ‘अनुचित लेनदेन’ की बात सामने आने पर डायाजियो की इंडियन यूनिट ने माल्या के खिलाफ कई शिकायतें की थीं। यूएसएल ने कहा कि माल्या ने करीब 6 ऐसी कंपनियों को फंड्स डायवर्ट किए थे, जिनसे उनका सीधा या परोक्ष जुड़ाव था और इनमें से ज्यादातर टैक्स हेवेंस में थीं। डायाजियो और माल्या के बीच पिछले साल हुए प्राइवेट शेयरहोल्डर अग्रीमेंट में कई शर्तें थीं और भुगतान तीन किस्तों में होना था। शुरुआती जांच में कई कानूनों के उल्लंघन को लेकर यूएसएल बोर्ड की शिकायतों के बावजूद माल्या को मोटा पेमेंट करने को लेकर डायाजियो की आलोचना हुई थी।

मैक्डॉवेल्स नंबर 1 और रॉयल चैलेंज बनाने वाली यूएसएल ने जांच में चिन्हित लगभग पूरी रकम के लिए अपने फाइनैंशल स्टेटमेंट्स में प्रोविजनिंग की है। लिहाजा ऐनालिस्ट्स को रिकवरी से कोई वित्तीय असर पड़ने की आशंका नहीं दिख रही है। इडलवाइज सिक्यॉरिटीज के सीनियर वीपी अबनीश रॉय ने कहा कि इस कदम का यूएसएल पर केवल यह असर पड़ेगा कि भविष्य में लीगल कॉस्ट जैसे कुछ ओवरहेड्स में कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि फंड्स को यूएसएल के बही-खाते में दिखाया ही गया है, लिहाजा रिकवरी के चलते कोई वित्तीय असर नहीं होगा।

Source: shilpkar

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